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लेखक उस स्त्री के रोने का कारण क्यों नहीं जान सकता?

लेखक उस स्त्री के रोने का कारण क्यों नहीं जान पाया? लेखक उस स्त्री के रोने का कारण इसलिए नहीं जान पाया क्योंकि उसकी पोशाक रूकावट बन गई। जब उसने उस खरबूज़े बेचने वाली स्त्री को घुटनों पर सिर रखकर रोते देखा और बाजार में खड़े लोगों का उस स्त्री के संबंध में बातें करते देखा तो लेखक का मन दुखी हो उठा।

उस स्त्री का रोना देख कर लेखक के मन में क्या भाव आए?

उस स्त्री को देखकर लेखक को उससे सहानुभूति हुई और दु:ख भी हुआ। वह उसके दुख को दूर करना भी चाहता था पर उसकी पोशाक अड़चन बन रही थी।

उस स्त्री के लड़के की मृत्यु का कारण क्या था?

उत्तर: उस स्त्री के लड़के की मृत्यु साँप के डसने के कारण हुई थी। Question 5: बुढ़िया को कोई भी उधार क्यों नहीं देता? उत्तर: बुढ़िया के घर का इकलौता कमाऊ सदस्य अब इस दुनिया में नहीं था, इसलिए उसे कोई भी उधार नहीं दे रहा था

मनुष्य बेटा बेटी तक को बेचने के लिए मजबूर क्यों हो जाता है?

उत्तर:- लेखक के पड़ोस में एक संभ्रांत महिला रहती थी। उसके पुत्र की भी मृत्यु हो गई थी और बुढ़िया के पुत्र की भी मृत्यु हो गई थी परन्तु दोनों के शोक मनाने का ढंग अलग-अलग था। धन के अभाव में बेटे की मृत्यु के अगले दिन ही वृद्धा को बाज़ार में खरबूज़े बेचने आना पड़ता है।

लेखक की पत्नी बाबा फूट-फूट कर क्यों रोई?

उत्तर: जब बाबा को मैसूर चिड़ियाघर भेजा गया, तो वर्णनकर्ता की पत्नी को इतना दुख हुआ कि उसे सांत्वना नहीं दी जा सकी । वह रोती रही और भालू की चिंता करती रही।

स्त्री के रोने का कारण क्यों नहीं जान पाया?

दुःख का अधिकार – यशपाल

लेखक उस स्त्री के रोने का कारण क्यों नहीं जान पाया? लेखक उस स्त्री के रोने का कारण इसलिए नहीं जान पाया क्योंकि उसकी पोशाक रूकावट बन गई। जब उसने उस खरबूज़े बेचने वाली स्त्री को घुटनों पर सिर रखकर रोते देखा और बाजार में खड़े लोगों का उस स्त्री के संबंध में बातें करते देखा तो लेखक का मन दुखी हो उठा।

मरने से पहले 40 सेकंड क्या होता है?

उन्‍होंने बताया है कि व्यक्ति की मृत्यु से ठीक 40 सेकेंड पहले एक अद्भुत घटना होती है. उस समय व्यक्ति के सामने उसके कई जन्मों की तस्वीरें तेजी से उसके आगे से गुजरती हैं.

पति के मरने के बाद पत्नी को क्या करना चाहिए?

पति के घर से जाने के तुरंत बाद आपको अपने गहने या फिर श्रृंगार नहीं उतारना चाहिए। सामान्‍य तौर पर पति की मृत्‍यु के बाद विधवा महिलाएं ऐसा करती हैं। इसलिए सुहागिन महिलाओं के लिए ऐसा करना अच्‍छा नहीं माना जाता है। बेहतर होगा यदि आपको अपना कोई श्रृंगार उतारना या फिर गहना बदलना भी है तो कुछ समय रुकने के बाद ऐसा करें।

सबसे छोटे होते हुए माँ से कौन कौन से सुख प्राप्त होते हैं?

माँ अपने बच्चे को गोदी में सुलाती है, आँचल पकड़वाकर साथ-साथ रखती है, खाना खिलाती है। नहलाती-धुलाती है, सजाती-सँवारती है, खिलौने देती है, स्कूल भेजती है, परियों की कहानियाँ सुनाती है।

मां बेटी के प्रति चिंतित क्यों है?

माँ की बेटी के प्रति यह चिंता है कि उसकी बेटी अभी भोली और सरल हृदय भी है व विवाह के लिए उसकी समझ विकसित नहीं हुई है तथा वैवाहिक जीवन की समस्याओं से अभी अपरिचित है। उसे दुःख बाँचना नहीं आता था और जीवन के व्यावहारिक पक्ष का ज्ञान भी नहीं हैं।

लेखक की माँ क्या करने से मना करती थी?

लेखक की माँ दिन छिपने या सूरज ढलने के बाद पेड़ों के पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थीं क्योंकि उनका मानना था कि ऐसा करते समय वे रोते हैं और हमें बददुआ देते हैं। रात में फूल तोड़ने पर वे श्राप देते हैं। लेखक का घर किस शहर में था? लेखक का घर पहले ग्वालियर में था और बाद में वे बम्बई में वर्सोवा नामक स्थान में रहने लगे।

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लेखक की माँ शाम के समय क्या करने को मना करती थीं?

उत्तर:- लेखक की माँ शाम के समय पेड़ों से पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थी क्योंकि उनका मानना था कि ऐसा करने से पेड़ रोते हैं और हमें बददुआ देते हैं।

रोने वाली औरत का मालिक कौन है?

पेरिस में मुसी पिकासो के पास 24 और 26 अक्टूबर 1937 की दो चादरें हैं, जिस पर पिकासो ने आंखों और रूमाल सहित रोती हुई महिला के विभिन्न विवरणों का पता लगाया था (रेप्र।

रोने वाली औरत का फोकस क्या है?

रोती हुई महिला अकथनीय दु: ख और दर्द की एक प्रतिष्ठित छवि है, जो सार्वभौमिक पीड़ा का प्रतिनिधित्व करती है । खंडित विशेषताएं और अम्लीय हरे और बैंगनी रंग का उपयोग पेंटिंग की भावनात्मक तीव्रता को बढ़ाता है। वीपिंग वुमन के लिए मॉडल पिकासो की साथी डोरा मार थी, जो एक भावुक, मजबूत और बुद्धिमान महिला थी।

क्या मृत्यु के समय दर्द होता है?

उनकी राय है कि मौत के समय दर्द नहीं होता लेकिन अप्राकृतिक मौत के मामले में ऐसा नहीं कहा जा सकता. आम तौर पर मौत के समय दांत दर्द से भी कम दर्द हो सकता है.

मरने से पहले आदमी को क्या दिखता है?

– मृत्‍यु से 1 महीने पहले व्‍यक्ति को चंद्रमा और तारे ठीक से नजर आने बंद हो जाते हैं. वहीं चंद्रमा और सूर्य के आसपास काला या लाल घेरा दिखने लगे तो 15 दिन में मृत्‍यु हो सकती है. – व्‍यक्ति का अचानक नीली मक्खियों से घिर जाना भी मृत्‍यु से पहले मिलने वाला संकेत है. ऐसे व्‍यक्ति की महीने भर में मौत हो सकती है.

मरने के बाद कितने दिन बाद जन्म मिलता है?

मनुष्य के कर्मों के अनुसार उस आत्मा को यातनाएं दी जाती हैं. नरक में यातनाएं झेलने के बाद आत्मा को पुनर्जन्म मिलता हैं. पौराणिक शास्त्रों के अनुसार, पुनर्जन्म मृत्यु के तीसरे दिन से लेकर 40 दिन में होता है.

अच्छे व्यक्ति की मृत्यु जल्दी क्यों हो जाती है?

हिन्दू धर्म में मान्यता है कि भगवान हर अच्छे आदमी को किसी ना किसी उद्देश्य के साथ ही इसे मृत्युलोक में भेजते हैं और भगवान का अपना अवतार उन्हीं उद्देश्यों में शामिल है । इसीलिए जब वो उद्देश्य जल्दी पूरे हो जाते हैं तब भगवान उन्हें वापस बुला लेते हैं । अर्थात अच्छे लोगों की मृत्यु उनके अच्छे कर्मों पर ही निर्भर करती है ।

बड़े हो जाने पर मां क्या नहीं करती है?

माँ जब बच्चों को बड़ा बना देती है तब उसका साथ छोड़कर अपने कामों में लग जाती है। तब वह उसे न तो नहलाती धुलाती है और न अपने हाथ से खाना खिलाती है, न परियों की कहानी सुनाती है। उसे खेलने के लिए खिलौने नहीं देती है। तब बच्चों को लगता है कि बड़ा होने पर माँ उसे छलती है

बड़े होने पर मां क्या नहीं करती?

बड़ा होने पर माँ क्या नहीं करती? Answer: बड़ा होने पर माँ बच्चों को खाना नहीं खिलाती, मुँह नहीं धुलाती, सजाती-सँवारती नहीं, खिलौने नहीं देती और परियों की कहानी नहीं सुनाती।

लेखक ने मालिक की बेटी किसे कहा है और क्यों?

लेखक ने नदियों को हिमालय की बेटियाँ कहा है, क्योंकि वह नदियों का उद्गम स्थल है। पर हम उन्हें माँ समान ही कहना चाहेंगे, क्योंकि वे हमें तथा धरती को जल प्रदान करती हैं।

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लेखक की मां ने पूरे दिन का रोजा क्यों रखा था?

लेखक के घर एक कबूतर का घोसला था जिसमें दो अंडे थे। एक अंडा बिल्ली ने झपट कर तोड़ दिया, दूसरा अंडा बचाने के लिए माँ उतारने लगीं तो टूट गया। इस पर उन्हें दुख हुआ। माँ ने प्रायश्चित के लिए पूरे दिन रोज़ा रखा और नमाज़ पढ़कर माफी माँगती रहीं।

लेखक की माँ क्या कहती थी?

लेखक की माँ को प्रकृति से बहुत प्यार था। वे कहती थीं कि दिन छुपने या सूरज ढलने के बाद पेड़ों को नहीं छूना चाहिए। वे रोते हैं, रात में फूल तोड़ने पर वे श्राप देते हैं।

मेरा मन कभी कभी बैठ जाता है लेखक ने ऐसा क्यों कहा?

Answer. Answer: लेखक ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वह रोज रोज चोरी, डकैती, इत्यादि खबर अख़बार में पढ़ कर निराश होते का रहे थे।

रोने के कितने फायदे हैं?

*रोने से भावनाएं कंट्रोल होती हैं और मानसिक तनाव में कमी आती है. *रोने से शरीर में ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिन हॉर्मोन बनते हैं जो शारीरिक और भावनात्मक दर्द से आराम देते हैं. *तनाव में रोने पर आंसुओं में कई तरह के स्ट्रेस हॉर्मोन निकल जाते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद है.

ज्यादा रोने वाले व्यक्ति कैसे होते हैं?

ज्यादा रोने वाले लोगों में होते हैं ये कमाल के गुण
  • 1/7. रोना राहत है …
  • 2/7. तनाव नहीं होता हावी …
  • 3/7. लोग क्या सोचेंगे, परवाह नहीं …
  • 4/7. इमोशनल इंटेलिजेंस होता है बेहतर …
  • ऐसी और तस्वीरें देखेंडाउनलोड ऐप
  • 5/7. नहीं होती समाज की परवाह …
  • 6/7. वे अच्छे मित्र होते हैं
  • 7/7. ये भी ध्यान रखें

रोज रोज रोने से क्या होता है?

लंबे समय तक रोने से ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिन रिलीज़ होते हैं। ये फील-गुड केमिकल्स शारीरिक और भावनात्मक दोनों तरह के दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं। एक बार एंडोर्फिन रिलीज़ हो जाए, फिर आपका शरीर कुछ हद तक सुन्न महसूस कर सकता है। वहीं, ऑक्सीटोसिन आपको शांत महसूस कराते हैं।

मरने के बाद मुंह में सोना क्यों रखा जाता है?

तुलसी और गंगाजल के साथ कुछ जगहों पर मृत्यु के समय व्यक्ति के मुंह में सोने की टुकड़ा भी रखा जाता है. ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

मनुष्य के मरने का शुभ समय कौन सा है?

मनुष्य के मरने का शुभ समय कौन सा है

अगर किसी मनुष्य की मृत्यु सूर्यास्त के दो घंटे पहले या फिर सूर्योदय के दो घंटे बाद होती हैं. तो यह समय मनुष्य की मृत्यु का शुभ समय माना जाता हैं. तथा अग्नि संस्कार सूर्यास्त के दो घंटे पहले कर देना चाहिए. अगर किसी मनुष्य की मृत्यु रात्रि के समय होती हैं.

मृत्यु के समय दर्द क्यों होता है?

इसकी वजह यह बताई जाती है कि जिंदगी के आखिरी लम्हों में सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर दर्द महसूस न होने देने वाले विषैले पदार्थ जमा हो जाते हैं, दर्द के अभाव में इनसान बेहतर महसूस करने लगता है, गफलत, नीम बेहोशी या बेहोशी के आलम में चला जाता है और अंततः इस आलम से ही निकल जाता है.

कौन सा कर्म करने से स्त्री का जन्म मिलता है?

मृत्यु के समय मनुष्य की आसक्ति जिस ओर होती है उसका जन्म उसी आसक्ति के आधार पर होता है। मान लीजिए अगर हम मृत्यु के समय स्त्री को याद करते-करते प्राण त्याग देते हैं तो हमारा अगला जन्म स्त्री के रुप में ही होगा।

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मृत्यु के 24 घंटे बाद आत्मा अपने घर वापस क्यों आती है?

बता दें कि गरुड़ पुराण में इस बारे में विस्तार से बताया गया है। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो यमराज के यमदूत उसे अपने साथ यमलोक ले जाते हैं। यहां उसके अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब होता है और फिर 24 घंटे के अंदर यमदूत उस प्राणी की आत्मा को वापिस घर छोड़ जाते हैं।

बड़ा बनाकर मां क्या करती है?

बड़ा बनाकर माँ बच्चे को अपने से अलग करने लगती हैं क्योंकि बड़ा होने पर माँ दिन-रात हमारे साथ नहीं रह पाती है। वह पहले हमें खिलौने देकर अपने आप खेलने के लिए छोड़ देती है। फिर वह हमें विद्यालय भेजती है

बड़े होकर बच्चा अपने माँ का क्या नहीं खोना चाहता?

Solution : बड़ी होकर बच्ची माँ के आँचल का स्नेह नहीं खोना चाहती है।

बच्चा छोटा ही क्यों रहना चाहते हैं?

वह ऐसी बड़ी बनना पसंद नहीं करती जिससे वह माँ का प्यार न पा सके। यानी बड़ी बनकर वह माँ के प्यार को खोना नहीं चाहती। इसलिए इस कविता में ‘ऐसी बड़ी न होऊँ मैं’ की कामना की गई है। मैं भी चाहता हूँ कि छोटा बना रहूँ और माँ के प्यार से कभी वंचित न रहूँ।

माँ हमारे लिए क्या करती है?

वह हमें प्यार से अपनी गोदी में सुलाती है। अपने हाथों नहलाती-धुलाती और तैयार करती है। वह हमें खाना खिलाने के बाद मुँह-हाथ धोती है। धूल आदि पोंछकर हमें सजाती-सँवारती है।

मां ने बेटी को क्या सीख दी?

माँ ने बेटी को सीख दी थी कि वह केवल सुंदरता पर ही नहीं रीझे बल्कि अपने वातावरण के प्रति भी सचेत रहे। जिस पानी में झांककर उसे अपनी परछाई दिखाई देती है उसकी गहराई को भी वह भली-भांति जान लें। कहीं वही उसके लिए जानलेवा सिद्ध न हो जाए। वह उस आग की तपन का भी ध्यान रखे जो रोटी पकाने में काम आती है।

माँ ने बेटी को क्या क्या सीख दी Class 10?

Solution : माँ ने बेटी को निम्नलिखित सीख दी <br> (1) कभी अपनी सुंदरता और उसकी प्रशांसा पर न रीझना । <br> (2) घर-गृहस्थी के सामान्य कार्य तो करना, किन्तु अत्याचार न सहना । <br> (3) कपड़ों और गहनों के बदले अपनी आजादी न बेचना, अपना व्यक्तित्व न खोना ।

लड़कियों के प्राइवेट पार्ट में जलन क्यों होती है?

योनि के अंदर या आसपास उपयोग होने वाले टेम्पॉन, पैड्स, कंडोम, डूश, क्रीम, स्प्रे और अन्य उत्पादों से योनि में जलन हो सकती है. ये उत्पाद जननांगों को परेशान कर सकते हैं और संक्रमण का कारण बन सकते हैं. यदि आपको यूटीआई होने का संदेह है तो डॉक्टर से संपर्क करें और निर्धारति खुराक का पालन करें.

बेटी का जन्म कैसे होता है?

यदि आपके डिंब को फर्टिलाइज करने वाले शुक्राणु में एक्स जीन है, तो आप बेटी को जन्म देंगी। यदि शुक्राणु में वाई जीन है, तो आप बेटे को जन्म देंगी। मगर, जब से गर्भाधान होता आ रहा है, तब से ही महिलाएं लड़की या लड़का पैदा करने की संभावनाएं बढ़ाने के बारे में अपने सुझाव साझा करती आई हैं।

लेखक के साथी का क्या नाम था?

Answer: लेखक के मित्र सुमति की यहाँ के लोगों से जान-पहचान होने के कारण भिखमंगों के वेश में रहने के बावजूद भी उन्हें ठहरने के लिए अच्छी जगह मिली। जबकि दूसरी यात्रा के समय जानकारी न होने के कारण भद्र यात्री के वेश में आने पर भी उन्हें रहने के लिए उचित स्थान नहीं मिला।