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घर में कौन सा भगवान रखना चाहिए?

यदि दोस्तों आपको इसके बारे में पता नहीं है, घर में कौन-कौन सी मूर्तियां रखनी चाहिए, तो आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं, कि अलग-अलग शास्त्रों के अनुसार आपको अपने घर के अंतर्गत सूर्य भगवान, गणेशजी, विष्णुजी, भगवान शंकर, हनुमानजी, माँ दुर्गा और अन्य देवियाँ, माता पार्वती आदि की मूर्ति रखनी चाहिए

घर में कौन से देवता की पूजा करनी चाहिए?

कौन से देवी देवता रखने चाहिए

घर के पूजनस्थल में किन देवी-देवताओं को स्थापित करना चाहिए यह भी वास्तु के लिहाज से आवश्यक होता है। वास्तुशास्त्र कहता है कि गुडलक पाने के लिए पूजाघर में विष्णु, लक्ष्मी, राम-सीता, कृष्ण, एवं बालाजी जैसे सात्विक एवं शांत देवी देवता का यंत्र, मूर्ति और तस्वीर रखना शुभ फलदायी होता है।

पूजा घर में कितनी मूर्ति रखनी चाहिए?

हालांकि सभी एक एक ही रखेंगे तो कोई हर्ज नहीं लेकिन इससे ज्यादा नहीं होना चाहिए। कुछ मानते हैं कि घर में किसी भी देवता की तीन मूर्तियां या चित्र नहीं होने चाहिए। हो सके तो बस एक ही रखें। ज्यादा देवी-देवताओं की मूर्तियां न रखें।

कौन से भगवान की मूर्ति घर में नहीं रखना चाहिए?

पूजा घर में दो शालिग्राम की मूर्तियाँ नहीं रखनी चाहिए। इसके अलावा दो शिवलिंग, तीन गणेश, दो शंख, दो सूर्य की प्रतिमा भी घर के मंदिर में नहीं होना चाहिए। माँ दुर्गा की प्रतिमा भी एक से ज्यादा नहीं रखनी चाहिए। पूजा घर में माँ दूर्गा की तीन मूर्ति, दो गोमती चक्र इत्यादि को पूजा घर में रखने से परिवार में अशांति फैलती है।

घर के मंदिर में क्या नहीं होना चाहिए?

पूजा कक्ष डिजाइन करते समय यह देखना जरूरी है कि मंदिर में देवताओं का मुख सही दिशा में है या नहीं। इसके अलावा, देवताओं की मूर्तियों का चेहरा माला और फूलों से ढकना नहीं चाहिए। हमेशा भगवान की ठोस मूर्ति रखें और मंदिर में खोखली मूर्ति रखने से बचें। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मंदिर में मूर्तियों को फर्श पर न रखें

घर के मंदिर में माचिस रखने से क्या होता है?

घर में बना मंदिर घर का सबसे पवित्र स्थान होता है यहां पर माचिस रखना घर में नकारात्‍मकता लाता है और अपशगुन का कारण बनता है. घर के मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्ति-तस्‍वीरें रखी जाती हैं, उनकी पूजा की जाती है इसलिए यहां पर हमेशा पवित्र और सकारात्‍मकता लाने वाली चीजें ही रखनी चाहिए.

घर के मंदिर में क्या नहीं रखना चाहिए?

ऐसा माना जाता है कि घर के मंदिर में कोई भी ज्वलनशील सामग्री जैसे माचिस या लाइटर नहीं रखना चाहिए। ये अपनी और नेगेटिव ऊर्जा को आकर्षित करती हैं। माचिस को आप घर में किचन या किसी अन्य स्थान पर रख सकते हैं, लेकिन माचिस कभी भी बेडरूम में भी नहीं रखनी चाहिए

बेडरूम में किस भगवान की फोटो लगाई जा सकती है?

वास्तु शास्त्र – विकिपीडिया

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि राधा कृष्ण की मूर्ति और फोटो को बेडरूम में रखना चाहिए। उनका कहना है कि राधा कृष्ण की पेंटिंग्स, मूर्तियां या तस्वीरें शादीशुदा जोड़े के बीच प्यार का माहौल बनाएंगी। यह घर के अन्य निवासियों के लिए एक शांतिपूर्ण आभा भी बनाएगा।

घर में क्या रखना शुभ होता है?

घर में सुख सुविधाएं बनी रहे इसके लिए आंवला और तुलसी का पौधा घर में जरूर लगाएं. ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है. घर में धातु का कछुआ रखना भी शुभ माना जाता है. आप चांदी, पीतल या कांसे की धातु से बना कछुआ घर में रख सकते हैं.

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ज्यादा पूजा पाठ करने से क्या होता है?

इसका सीधा सा उत्तर यह है कि ज्यादा पूजा पाठ करने वाला भक्ति के स्वरूप को नही समझने के कारण पूजा पाठ तो करता है, लेकिन वह अनजाने में सकाम पूजा ही करता है जिसका फल उसे सुख दुख के रूप में ही मिलता है। ज्यादा पूजा पाठ करने वाला बेशक ज्यादा पूजा पाठ या भक्ति करता हुआ नजर आता है लेकिन वह कर्मकांड को ठीक से नही करना जानता है।

घर के पूजा घर में माचिस क्यों नहीं रखनी चाहिए?

माचिस रखने से नहीं मिलता है पूजा का फल

ऐसा माना जाता है कि घर के मंदिर में कोई भी ज्वलनशील सामग्री जैसे माचिस या लाइटर नहीं रखना चाहिए। ये अपनी और नेगेटिव ऊर्जा को आकर्षित करती हैं। माचिस को आप घर में किचन या किसी अन्य स्थान पर रख सकते हैं, लेकिन माचिस कभी भी बेडरूम में भी नहीं रखनी चाहिए

सुबह सुबह हनुमान जी का नाम क्यों नहीं लेना चाहिए?

रामचरित मानस के सुंदरकांड में हनुमानजी कहते हैं कि ‘प्रात लेइ जो नाम हमारा। तेहि दिन ताहि न मिलै अहारा॥’ अर्थात मैं जिस कुल से यानी वानर कुल से हूं अगर सुबहसुबह उसका नाम ले लेता है तो उस दिन उसको भोजन भी मुश्किल से मिलता है। इसलिए सुबह बिना अन्न जल ग्रहण किए वानर नाम नहीं लेना चाहिए

घर के मंदिर में माचिस क्यों नहीं रखनी चाहिए?

माचिस रखने से नहीं मिलता है पूजा का फल

ऐसा माना जाता है कि घर के मंदिर में कोई भी ज्वलनशील सामग्री जैसे माचिस या लाइटर नहीं रखना चाहिए। ये अपनी और नेगेटिव ऊर्जा को आकर्षित करती हैं। माचिस को आप घर में किचन या किसी अन्य स्थान पर रख सकते हैं, लेकिन माचिस कभी भी बेडरूम में भी नहीं रखनी चाहिए

रात में पति और पत्नी को कैसे सोना चाहिए?

वास्तु के अनुसार बेड की दिशा

वास्तु के अनुसार विवाहित जोड़ों को अपना सिर दक्षिण, दक्षिण-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम की ओर रखना चाहिए। यह सलाह दी जाती है कि सोते समय सिर उत्तर की ओर न रखें।

बेडरूम में क्या नहीं होना चाहिए?

बेडरूम में ना रखें यह चीज

बेडरूम में आप किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक आइटम ना रखें, इससे नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। साथ ही आप किसी भी प्रकार को पौधा और पानी वाली वस्तुएं ना रखें, जैसे मछली घर और पानी का प्याला आदि।

भगवान की पूजा कब नहीं करनी चाहिए?

यदि हम ज्योतिष के नियमों की मानें तो दोपहर 12 से 3 बजे का समय देवताओं के आराम का समय माना जाता है और इस समय यदि पूजन किया जाता है तो पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है। इसके साथ ही, इस समय को अभिजीत मुहूर्त कहा जाता है और ये पितरों का समय माना जाता है। इस वजह से इस विशेष समय अवधि में देवताओं की पूजा का विधान नहीं है।

बिना नहाए पूजा कैसे करें?

जी हाँ बिना नहाए पूजा की जा सकती है और इससे परमेश्वर को कोई फर्क नई पड़ता कि हम नहाए है या नही ओर कोई भी चीज़ हमे बाहर से लग कर इस तरह असुद्ध नही कर सकती कि हम उस स्थिति में परमेश्वर से पूजा या प्राथना न कर सके या परमेश्वर हमारी प्राथना पूजा ग्रहण न करे वो हमारी प्राथना विनती तब भी सुनता है और हमे क़बूल भी करता है जब …

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रोज किसकी पूजा करनी चाहिए?

शास्त्रों के अनुसार इन पंचदेवों की पूजा करनी चाहिए—सूर्य, गणेश, दुर्गा, शंकर एवं विष्णु। सबसे पहले सूर्य की पूजा की जाती है। अब समयानुसार यह क्रम थोड़ा परिवर्तित हो गया।

कैसे पता करें कि भगवान हमारे साथ है या नहीं?

अगर आपको रात में नींद के दौरान बार-बार सपने आते हैं और सपनों में मंदिर, भगवान की मूर्ति या फोटो दिखाई देती हैं तो इसका मतलब है कि आप पर भगवान की कृपा बनी हुई है। कई बार ऐसा होता है कि आप किसी चीज को लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन लेते वक्त आपके मन में उसे लेकर कुछ संशय आ जाता है।

हनुमान जी खुश होने पर क्या संकेत देते हैं?

इन 10 बातों या संकेतों से जानिए कि हनुमानजी प्रसन्न हैं आप पर
  • यदि आपके हाथों में मंगल रेखा स्पष्ट नजर आ रही है तो निश्‍चित ही हनुमानजी की आप पर कृपा है। …
  • यदि कुंडली में मंगल मेष, वृश्चिक या मकर राशि में है या सूर्य-बुध एक ही जगह पर बैठे हैं या दसवें भाव में मंगल है तो माना जाता है कि यह मंगल नेक है।

घर में हनुमान जी की कौन सी फोटो लगानी चाहिए?

घर में भगवान पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगाना बहुत शुभ माना जाता है। पंचमुखी हनुमान की फोटो लगाने से घर में सुख-शांति आएगी। इस तस्वीर से वास्तु दोष भी दूर होते हैं। घर के मेन गेट पर पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगानी चाहिए ताकि वह सभी को दिखाई दे।

पुराने गणेश लक्ष्मी का क्या करें?

नई मूर्ति की स्थापना के बाद पुरानी मूर्तियों का भूलकर भी अपमान न करें. इन्हें किसी कागज या साफ कपड़े में लपेटकर सुरक्षित रख दें. फिर जब भी आपको मौका मिले, आप अपने घर के पास किसी नदी या नहर में उन्हें विसर्जित कर दें.

गणेश जी पूर्व जन्म में कौन थे?

गणेश पुराण के अनुसार भगवान गणेश का चूहा पूर्व जन्म में एक गंधर्व था जिसका नाम क्रोंच था।

घड़ी का मुंह किधर होना चाहिए?

घड़ी लगाने की सही सही दिशा पूर्व दिशा मानी जाती है। वास्तु के अनुसार पूर्व दिशा में घड़ी लगाना शुभ होता है। इसे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और मां लक्ष्मी का आगमन होता है। इसके अलावा घड़ी को पश्चिम दिशा में भी लगाना अच्छा नहीं माना जाता है।

बेडरूम में घड़ी कौन सी दीवार पर लगानी चाहिए?

घड़ी को दीवार पर लगाने के लिए उत्तर, पूर्व एवं पश्चिम दिशा को बेहतर माना जाता है। ये दिशा पॉजेटिव एनर्जी प्रदान करता है। अगर ड्राइंग रूम या बेडरूम की बात करें तो घड़ी ऐसे लगाएं जिससे रूम में प्रवेश करने पर घड़ी पर नजर आए। यह भी ध्यान रखें कि घड़ी पर धूल-मिट्टी न जमे।

सुबह उठते ही मुख्य द्वार पर क्या करना चाहिए?

घर के प्रवेश द्वार पर ओम, श्री गणेश, मां लक्ष्‍मी के चरण चिन्‍ह और शुभ-लाभ के प्रतीक चिह्नों को लगाएं। इससे आपके घर में सकारात्‍मक ऊर्जा का संचार होगा और नकारात्‍मक ऊर्जा का क्षय होगा। ख्‍याल रखें कि सुबह जब भी मुख्‍य द्वार खोलें तो सर्वप्रथम इन प्रतीक चिन्‍हों को प्रणाम करें, इसके बाद ही द्वार खोलें।

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मेन गेट पर कौन सा फोटो लगाना चाहिए?

4- मेनगेट पर हमें स्वास्तिक, ऊँ या भगवान गणेश की प्रतिमा लगानी चाहिए। ऐसा करने से शुभता में वृद्धि होती है और घर में सुख –समृद्धि का आगमन होता है।

घर में रोज की पूजा कैसे करें?

ये हैं दैनिक पूजा के जरूरी नियम

– दैनिक पूजा का समय निश्चित करें और रोजाना उसकी समय पर पूजा करें. – हमेशा स्‍नान करके, साफ कपड़े पहनकर, साफ जमीन पर आसन बिछाकर उस पर बैठें. कभी भी जमीन पर सीधे बैठकर पूजा नहीं करनी चाहिए. हो सके तो ऊनी आसन पर बैठें.

सिंपल पूजा कैसे करें?

कैसे करें पूजा :

नित्य कर्म से निवृत्त होने के बाद अपने ईष्ट देव या जिसका भी पूजन कर रहे हैं उन देव या भगवान की मूर्ति या चि‍त्र को लाल या पीला कपड़ा बिछाकर लकड़ी के पाट पर रखें। मूर्ति को स्नान कराएं और यदि चित्र है तो उसे अच्छे से साफ करें। 3. पूजन में देवताओं के सामने धूप, दीप अवश्य जलाना चाहिए।

सुबह कितने बजे तक पूजा करना चाहिए?

कुछ लोग पूजा सुबह 6:00 बजे से लेकर 8:00 बजे के बीच में करने को सही समय मानते हैं. तो बता दे कि भगवान की पूजा सुबह 8:00 बजे के बाद में भी की जा सकती है. पूजा करने का नियमित समय सुबह 10:00 बजे तक का होता है, इसके बाद भगवान की पूजा करना अशुभ माना जाता है.

हनुमान जी के कौन से पैर का सिंदूर लगाना चाहिए?

हनुमान जी के दोनों पैरों पर लगा सिंदूर बहुत ही प्रभावशाली होता हैं. ऐसा माना जाता हैं कि इस सिंदूर का तिलक जब कोई भी व्यक्ति अपने मस्तिष्क पर लगता हैं. तो हनुमान जी उस व्यक्ति को सद्बुद्धि प्रदान करते हैं.

हनुमान चालीसा रोज पढ़ने से क्या होगा?

हनुमानजी को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय हनुमान चालीसा का पाठ करना है। जो व्यक्ति रोज हनुमान चालीसा का पाठ करना है, उसकी इच्छा शक्ति भी बहुत मजबूत होती है। अगर रोज हनुमान चालीसा का पाठ करना संभव हो तो सिर्फ मंगलवार को ही कर सकते हैं

हनुमान जी का शुभ दिन कौन सा है?

मंगलवार का दिन हनुमान जी की उपासना के लिए सर्वोत्म माना जाता है. इस दिन मंदिरों में भक्तों का अंबार लगा होता है. बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए कोई मंत्र जाप करता है तो कोई चालीसा या हनुमानाष्टक का पाठ करता है लेकिन मंगलवार को कुछ ऐसे काम हैं जो नहीं करने चाहिए.

हनुमान को कौन सा रंग पसंद है?

हनुमान जी को लाल या नारंगी बेहद पसंद है. मंगलवार के दिन केसरिया या लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है.

घर में पितरों का स्थान कहाँ होना चाहिए?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पितरों की तस्वीरों को हमेशा उत्तर की दिवारों पर लगाएं ताकि उनकी दृष्टि दक्षिण की ओर रहे। दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा माना गया है, इससे अकाल मृत्यु और संकट से बचाव होता है।