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आईटी एक्ट 67 क्या है?

इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी यानी आईटी एक्ट 2000 की धारा 67 में प्रावधान किया गया है कि अगर कोई इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आपत्तिजनक पोस्ट करता है या फिर शेयर करता है, तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है.

आईटी एक्ट की धारा 67 में क्या है?

धारा 67 आईटी एक्ट 2000 – अश्लील सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रकाशित या पारेषित करने के लिए दंड-

धारा 67 कब लगती है?

अदालत ने आईटी ऐक्ट की धारा 67 (ई माध्यम से किसी आपत्तिजनक कंटेंट को प्रसारित या प्रकाशित करना), 506 (ii) (जान से मारने या चोट पहुंचाने की धमकी), और 509 (महिलाओं के सम्मान को चोट पहुंचाता कोई शब्द कहना या कोई अभद्र इशारा करना) इसके साथ ही तमिलनाडु राज्य महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम 1998, के तहत अपराधी माना।

धारा 67 बी सजा क्या है?

धारा 67बी। यौन रूप से स्पष्ट कार्य आदि में बच्चों को चित्रित करने वाली सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रकाशित या प्रसारित करने के लिए सजा

धारा 67a जमानती है या गैर जमानती?

उनके खिलाफ केवल गैर-जमानती धारा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 (ए) है: दिल्ली उच्च न्यायालय।

धारा 354 कब लगती है?

अब समझिए IPC सेक्शन 354 क्या है

भारतीय दंड संहिता के सेक्शन 354 के तहत किसी महिला का यौन उत्पीड़न, मारपीट, उसके अभिमान को ठेस पहुंचाना शामिल है। अगर कोई शख्स ये जानते हुए भी कि किसी महिला के साथ मारपीट करता है, यौन उत्पीड़न करता या उसकी लज्जा भंग करता है तो उसे सेक्शन 354 के तहत संज्ञेय अपराध माना जाता है।

धारा 122 बी में क्या होता है?

धारा 122 की उपधारा (1) क्लाउज (बी) प्रावधानित करता है कि शांतिभंग कायम रखने वाले बौंड के भंग होने की स्थिति में और यदि बौंड बगैर प्रतिभू के बनवाया गया हो तो दंडाधिकारी ऐसे बौंड भंग के सबूत को रेकर्ड कर बौंड बनाने वाले को बौंड समाप्ति की अवधि तक रोके जाने का आदेश पारित कर सकते हैं ।

Katl करने पर कौन सी धारा लगती है?

क्या है IPC की धारा 302

कोई भी व्यक्ति अगर हत्या का दोषी साबित होता है तो उसपर आईपीसी की धारा 302 लगाई जाती है. इस धारा के तहत उम्रकैद या फांसी की सजा और जुर्माना हो सकता है. हत्या के मामले में सजा सुनाने के पहले कत्ल के मकसद पर ध्यान दिया जाता है.

*# 67 क्या है?

आईपीसी की धारा 67 (IPC Section 67)

दो मास तक की कोई अवधि (exceeding two months) अगर आर्थिक दण्ड का परिमाण पचास रुपए से अधिक न हो (not exceed fifty rupees), तथा चार मास (Four month) तक की कोई अवधि (period) अगर आर्थिक दण्ड का परिमाण सौ रुपए से अधिक न हो,तथा किसी अन्य दशा (any term) में छह मास तक कोई अवधि.

354B में कितने साल की सजा है?

तो वह व्यक्ति भारतीय दंड संहिता की धारा 354B के तहत अपराधी ठहराया जाएगा। ऐसे व्यक्ति को दोनों में से किसी भांति के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि तीन वर्ष से कम नहीं होगी, किन्तु जो सात वर्ष तक की हो सकेगी, उससे दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।

लड़कियों को परेशान करने पर कौन सी धारा लगती है?

लड़की को छेड़ने पर कितने साल की सजा होगी | छेड़छाड़ पर कानून की धारा 354/354a/354b/354c/354d IPC 1860. महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ या उत्पीड़न के मामले जब भी कानूनी तौर पर दर्ज होते हैं. तो पुलिस अक्सर ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ धारा 354 के तहत मुकदमा दर्ज करती है. आइए जानते हैं आईपीसी की धारा 354 के बारे में।

हाफ मर्डर में कितने साल की सजा होती है?

हत्या के आरोपी व्यक्तियों पर धारा 302 के तहत कोर्ट में मुकदमा चलाया जाता है। इसके अलावा, हत्या के मामले में आरोपी को दोषी पाए जाने पर धारा 302 के तहत सजा दी जाती है। धारा 302 के अनुसार आरोपी को या तो आजीवन कारावास या मृत्युदंड (हत्या की गंभीरता के आधार पर) के साथ – साथ जुर्माने की सजा दी जाती है।

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धारा 110 बी क्या है?

IPC की धारा 110 के मुताबिक कोई भी व्यक्ति किसी भी अपराध (Offence) के किए जाने का दुष्प्रेरण (Abetment) करता है, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति ने दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न (Intention of the abettor) वह कार्य किया हो, तो वह उसी दण्ड से दण्डित (Punished with punishment)किया जाएगा, जो उस अपराध के लिए उपबन्धित (Provided for the …

धारा 229 बी क्या होता है?

धारा 229(B) क्या है? क्या इससे किसी की खतौनी की जमीन कोई अपने नाम करवा सकता था? इसमें स्वत्व का मुकदमा समस्त साक्ष्यो के आधार पर निर्णीत होता है .

फोन पर गाली देने पर कौन सी धारा लगती है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 294 के अनुसार किसी के साथ गाली गलौज करना एक दंडनीय अपराध है। इस धारा के अंतर्गत किसी व्यक्ति को गाली देने पर करीब तीन महीने तक की सजा हो सकती है।

5 मर्डर करने पर कितने साल की सजा होती है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के अनुसार, जो भी कोई किसी व्यक्ति की हत्या करता है, तो उसे मृत्यु दंड या आजीवन कारावास और साथ ही आर्थिक दंड से दंडित किया जाएगा। यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है। यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।

घर में घुसकर मारपीट करने पर कौन सी धारा लगाई जाती है?

धारा 323 के तहत छह महीने सजा व पांच सौ रुपये जुर्माना तथा जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा दी जाएगी व धारा 506 के तहत तीन वर्ष की सजा सुनाई गई है।

धारा 506 का मतलब क्या है?

धारा 506 आईपीसी- धमकाना , IPC Section 506 ( IPC Section 506. Punishment for criminal intimidation ) जो कोई भी आपराधिक धमकी का अपराध करता है, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे दो साल तक बढ़ाया जा सकता है या आर्थिक दंड या दोनों के साथ दंडित किया जा सकता है।

झूठ बोलने की कौन सी धारा लगती है?

कानून में सजा का प्रावधान

एडवोकेट सुनील आनंद ने बताया कि झूठ बोलने वाले शख्स को पहले सीआरपीसी की धारा-344 के तहत नोटिस जारी किया जाता है। फिर उस पर सुनवाई होती है। झूठ साबित होने पर उसे 6 महीने की कैद व 500 से 1000 रुपए तक का जुर्माना किया जा सकता है।

अगर कोई बच्चा मर्डर कर दे तो उसे क्या सजा मिलेगी?

पहले उपरोक्त उम्र के किशोर कोई अपराध करते थे तो उनके केसों की सुनवाई में ज्यादा से ज्यादा तीन साल तक की सजा देने का प्रावधान रखा गया था, लेकिन अब जस्टिस जुवेनाइल एक्ट 2015 में संशोधन हो चुका है और नाबालिग अपराधी को उम्रकैद तक की सजा सुनाई जा सकेगी।

1 मर्डर करने पर कितने दिन की सजा होती है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के अनुसार, जो भी कोई किसी व्यक्ति की हत्या करता है, तो उसे मृत्यु दंड या आजीवन कारावास और साथ ही आर्थिक दंड से दंडित किया जाएगा। यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है। यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।

धारा 171 च क्या है?

IPC की धारा 171 के मुताबिक, जो कोई लोक सेवकों के किसी खास वर्ग का न होते हुए इस आशय से कि यह विश्वास (Confidence) किया जाए, या इस ज्ञान से कि सम्भाव्य (Potential) है कि यह विश्वास किया जाए, कि वह लोक सेवकों के उस वर्ग का है, लोक सेवकों के उस वर्ग द्वारा उपयोग में लायी जाने वाली पोशाक के सदृश पोशाक पहनेगा, या टोकन के …

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धारा 171 B क्या है?

आईपीसी की धारा 171बी (IPC Section 171B) में निर्वाचन के दौरान रिश्वत के प्रयोग को अपराध के रूप में परिभाषित किया गया है.

धारा 250 क्या है?

यह है धारा 250

भू राजस्व संहिता की धारा 250 कहती है कि यदि किसी भूस्वामी की जमीन पर दो माह से कब्जा है तो इस संबंध में शिकायत करने पर तहसीलदार द्वारा कार्यवाही की जा सकती है। जिले के सभी तहसीलदारों,नायब तहसीलदारों को उनके न्यायालयों में भू.

महिला पर हाथ उठाने पर कौन सी धारा लगती है?

महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ या उत्पीड़न के मामले जब भी कानूनी तौर पर दर्ज होते हैं. तो पुलिस अक्सर ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ धारा 354 के तहत मुकदमा दर्ज करती है. आइए जानते हैं आईपीसी की धारा 354 के बारे में. भारतीय दंड संहिता की धारा 354 का इस्तेमाल ऐसे मामलों में किया जाता है.

हाफ मर्डर करने पर कितने साल की सजा है?

हत्या के आरोपी व्यक्तियों पर धारा 302 के तहत कोर्ट में मुकदमा चलाया जाता है। इसके अलावा, हत्या के मामले में आरोपी को दोषी पाए जाने पर धारा 302 के तहत सजा दी जाती है। धारा 302 के अनुसार आरोपी को या तो आजीवन कारावास या मृत्युदंड (हत्या की गंभीरता के आधार पर) के साथ – साथ जुर्माने की सजा दी जाती है।

हाफ मर्डर क्या है?

आरोपी जानता था कि इस हमले से प्रार्थी मर सकता है। ज्ञात हो बस्तर में होने वाले इस तरह के जानलेवा हमलों के मामलों को आम ग्रामीण हाफ मर्डर के रूप में जानता है। ऐसे मामले शराब या अन्य किसी मादक पेय के सेवन से ही होते हैं।

दूसरे नंबर की कॉल कैसे पता करें?

आप जिस मोबाइल की कॉल डिटेल्स निकालना चाहते हैं उसमें आपको एक ऐप इंस्टॉल करनी होगी। उस ऐप का नाम है Mubble App। इस ऐप को इंस्टॉल करने के बाद आप उस फोन से होने वाली सभी आउटगोइंग कॉल्स की डिटेल्स निकाल सकते हैं। इससे इनकमिंग कॉल का डेटा नहीं मिलेगी।

दूसरों की कॉल को अपने मोबाइल पर कैसे जुड़े?

दरअसल, एक ऐसी ट्रिक है, जिसके जरिए यह काम काफी आसान है। इसके लिए आपको अपने फोन में एक ऐप डाउनलोड करनी होगी। इस ऐप का नाम Inkwire Screen Share + Assist है। इस ऐप को अपने फोन के अलावा उस फोन में भी डाउनलोड करना होगा जिस फोन की स्क्रीन आप अपने फोन पर देखना चाहते हैं।

प्राइवेट का नंबर क्या है?

अपने फोन की कॉलर आईडी को बंद करने के लिए फोन के सेटिंग में जाकर कॉल सेटिंग ऑप्शन को क्लिक करें। इसके बाद उसमें एडिशनल सेटिंग को चुनें। वहां आपको कॉलर आईडी का ऑप्शन दिखेगा, उसपर क्लिक कर उसमें ‘नो’ ऑप्शन को क्लिक कर दें। अब आपका फोन नम्बर सामने वाले यूजर को प्राइवेट नंबर के रूप में दिखाई देगा।

Whatsapp पर ब्लॉक होने के बाद भी ऐसे करें मैसेज जानें क्या है ट्रिक?

स्टेप 1: Whatsapp खोले और सेटिंग्स में जाए. इसके बाद Account ऑप्शन में जाकर Delete My Account पर क्लिक करें. स्टेप 2: आप अपने फोन में ऐप को फिर से इंस्टॉल करें और एक बार फिर Whatsapp पर अपना अकाउंट बनाएं. स्टेप 3: एक बार ऐप रिइंस्टॉल होने के बाद आप उस व्यक्ति को भी Whatsapp पर मैसेज भेज पाएंगे जिसने आपको ब्लॉक किया था.

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गाली गलौज करने पर कौन सी धारा लगती है?

जातिसूचक टिप्‍पणियों के मामलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएं लगती हैं। धारा 3(1) के अनुसार, SC या ST वर्ग से ताल्‍लुक रखने वाले किसी व्‍यक्ति को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की नीयत से जान-बूझकर की गई टिप्‍पणियां या दी गईं धमकियां अपराध के दायरे में आती हैं।

पुलिस को गाली देने पर कौन सी धारा लगती है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 294 के अनुसार किसी के साथ गाली गलौज करना एक दंडनीय अपराध है। इस धारा के अंतर्गत किसी व्यक्ति को गाली देने पर करीब तीन महीने तक की सजा हो सकती है।

महिला को मारने पर कौन सी धारा लगती है?

इंडियन पेनड कोड की धारा 498 ए शादीशुदा महिला के साथ ससुराल में क्रूरता के मामले में लगाई जाती है। दहेज उत्पीड़न और दहेज के लिए हत्याओं के मामलों को देखते हुए 1983 में आईपीसी में धारा 498ए शामिल की गई थी। ये एक गैरजमानती धारा है।

गाली में कौन सी धारा लगती है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 294 के अनुसार किसी के साथ गाली गलौज करना एक दंडनीय अपराध है। इस धारा के अंतर्गत किसी व्यक्ति को गाली देने पर करीब तीन महीने तक की सजा हो सकती है।

घर में घुसकर मारपीट करने में कौन सी धारा लगती है?

धारा 323 के तहत छह महीने सजा व पांच सौ रुपये जुर्माना तथा जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा दी जाएगी व धारा 506 के तहत तीन वर्ष की सजा सुनाई गई है।

1 मर्डर की सजा क्या है?

हत्या के आरोपी व्यक्तियों पर धारा 302 के तहत कोर्ट में मुकदमा चलाया जाता है। इसके अलावा, हत्या के मामले में आरोपी को दोषी पाए जाने पर धारा 302 के तहत सजा दी जाती है। धारा 302 के अनुसार आरोपी को या तो आजीवन कारावास या मृत्युदंड (हत्या की गंभीरता के आधार पर) के साथ – साथ जुर्माने की सजा दी जाती है।

धारा 151 का मतलब क्या होता है?

सीआरपीसी की धारा 151 (CrPC Section 151)

(1) कोई पुलिस अधिकारी जिसे किसी संज्ञेय अपराध करने की परिकल्पना का पता है, ऐसी परिकल्पना करने वाले व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के आदेशों के बिना और वारण्ट के बिना उस दशा में गिरफ्तार कर सकता है जिसमें ऐसे अधिकारी को प्रतीत होता है कि उस अपराध का किया जाना अन्यथा नहीं रोका जा सकता.

धारा 188 का मतलब क्या है?

आईपीसी की धारा 188 (Indian Penal Code Section 188)

दरअसल, भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 (Section 188) के अनुसार, अगर कोई शख्स लॉक डाउन या उसके दौरान सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है.

76 धारा क्या होता है?

आईपीसी (Indian Penal Code) की धारा 76 के अनुसार, कोई भी कार्य, जो किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाए, जो उसे करने के लिए विधि द्वारा आबद्ध (Bound by law) हो या जो तथ्य की भूल (Mistake of fact) के कारण, न कि विधि की भूल के कारण सद्भावपूर्वक विश्वास (Good faith) करता हो कि वह ऐसा कार्य करने के लिए कानून द्वारा बाध्य है, …

धारा 44a क्या है?

“क्षति शब्द किसी प्रकार की चोट का द्योतक है, जो किसी व्यक्ति के शरीर, मन, ख्याति या सम्पत्ति को गैर-क़ानूनी रूप से पहुँचाई गयी हो। “ The word “injury” denotes any harm whatever illegally caused to any person, in body, mind, reputation or property.